दस महीने का वनवास काट इशोरा वापस पहुंची नेपाल

घर में आर्थिक संकट एवं अनबन के कारण काम की तलाश में घर से जयगांव निकली एक 14 वर्षीय किशोरी काम न मिलने पर अंत में कूचबिहार शहीद बंदना स्मृति आवास पहुंच गई। दस महीने होम में रहने के बाद बुधवार को इशोरा गोदाल नामक नेपाल की उक्त किशोरी आज वापस अपने घर के लिये रवाना हुई है।


इशोरा के घर में उसके माता-पिता, भाई और भाभी है। चाइल्ड वेलफेयर कमिटी सूत्रों से पता चला है कि जिला प्रशासन की सहायता से आज होम के अधिकारी किशोरी को उसके घर लेकर गये। वहीं, दस महीने बाद अपने घर लौट पाने के कारण इशोरा काफी खुश है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष की 16 अप्रैल को इशोरा गुस्से में अपने घर से निकल कर जयगांव के लिये रवाना हो गई। कालचीनी में वह एक बस में बैठ कर रो रही थी, जिसे देख एक महिला ने उसे कालचीनी थाने पहुंचाया। कालचनी पुलिस ने किशोरी को अलीपुरद्वार चाइल्ड वेलफेयर कमिटी को सौंप दिया। चाइल्ड वेलफेयर कमिटी की सहायता से इशोरा कूचबिहार शहीद बंदना स्मृति आवास पहुंची।


शुरूआत में उसने अपने बारे में किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन बाद में उसने धीरे-धीरे सारी बात बताई। इसके बाद कूचबिहार शिशु सुरक्षा अधिकारी स्नेहाशीष चौधरी ने नेपाल सरकार से संपर्क किया और प्रशासनिक स्तर पर काम पूरा होने पर आज इशोरा को नेपाल भेजा गया।

 

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