अनुभवी राजनेता के साथ जाने-माने वकील भी थे अरुण जेटली, जानें उनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं रहे। वह 9  अगस्त से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे। 24 अगस्त शनिवार को उनका एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वरिष्ठ नेता और पूर्व वृत्त मंत्री अरुण जेटली एक अनुभवी राजनेता के साथ-साथ जाने-माने वकील भी थे।


जानिये उनके जीवनकाल से जुड़ी कुछ रोचक बातें...

इनका जन्म 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली के नारायणा विहार इलाके के मशहूर वकील महाराज किशन जेटली के घर में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा नई दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से कॉमर्स में स्ना‍तक की पढ़ाई पूरी की। दिल्ली विश्वविद्यालय से ही उन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की। इस दौरान वे पढा़ई के साथ साथ शिक्षण व अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे।


  1. 1970 में अरूण जेटली भाजपा की यूथ विंग एबीवीपी में शामिल हुए।
  2. 1973 में वह जय प्रकाश नारायण द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे।
  3. 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में चुने गए।और यहीं से उनके राजनीतिक करियर की भी शुरुआत हो गई।
  4. 1975 में आपातकाल का विरोध करने पर मिसा कानून के तहत 19 महीनों के लिए हिरासत में लिए गए।
  5. 1977 में अरुण जेटली जनसंघ में शामिल हुए और बाद में एबीवीपी के अखिल भारतीय सचिव नियुक्त किए गए।
  6. 1989 में भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल बनाए गए और एक वर्ष तक इस पद पर बने रहे।
  7. जनवरी 1990 में अरुण जेटली ने उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ वकील के रूप में अपनी नौकरी शुरू की।
  8. 1991 में वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने। 1999 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए।
  9. 13 अक्टूबर 1999 से 30 सितंबर 2000 के बीच सूचना प्रसारण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नियुक्त किये गए।
  10. अप्रैल 2000 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए।
  11. 23 जुलाई 2000 से 6 नवंबर 2000 तक जेटली ने कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
  12. 20 मार्च 2001 से 1 सितंबर 2001 तक जहाजरानी मंत्रालय (Ministry of Shipping) का अतिरिक्त कार्यभार संभाला।
  13. 29 जनवरी 2003 को विदेश मामलों और गृह मामलों के लिए गठित समितियों के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए।
  14. 29 जनवरी 2003 से 21 मई 2004 तक कानून एवं न्याय मंत्री रहे। उन्हें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई।
  15. अक्टूबर 2004 से मई 2009 के बीच गृह मंत्रालय के लिए गठित परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे।
  16. 2006 में अरुण जेटली गुजरात से राज्य सभा के सदस्ये बने।
  17. 3 जून 2009 से 26 मई 2014 तक राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता रहे।
  18. 3 जून 2009 से 2 अप्रैल 2012 तक वाणिज्य समिति के सदस्य रहे।
  19. 2012  में  अरुण जेटली तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए।
  20.  26 मई 2014 को उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही उन्हें कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और रक्षामंत्री का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया। ये राजनीति और भाजपा में अरुण जेटली की अहमियत साबित करता है।
  21. 27 मई 2014 से 14 मई 2018 तक वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
  22.  8 नवंबर 2016 को उनके वित्त मंत्री के कार्यकाल में सरकार ने 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रतिबंधित किया था।
  23. 13 मार्च 2017 से 3 सितंबर 2017 तक रक्षामंत्री रहे।
  24. 2018 में वह उत्तर प्रदेश से चौथी बार राज्यसभा सांसद चुने गए।

(इंटरनेट फोटो)

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