बीएसएनएल और एमटीएनएल का होगा विलय, मंजूर किए गए 15 हजार करोड़  

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर। सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों एमटीएनएल और बीएसएनएल दोनों कंपनियों के विलय का फैसला लिया है। वित्तीय तंगी से गुजर रही सार्वजनिक क्षेत्र की इन दोनों कंपनियों के लिये पुनरुत्थान योजना के तहत सरकारी ब्रांड जारी किये जायेंगे, संपत्तियों का मौद्रीकरण होगा और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) की पेशकश की जाएगी।


दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि सरकार दोनों सार्वजनिक कंपनियों को पटरी पर लाने के लिए 29,937 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। योजना के तहत 15,000 करोड़ रुपये के सरकारी बांड जारी किए जाएंगे और अगले चार साल में 38,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की बिक्री या उसे पट्टे पर दिया जाएगा। दोनों कंपनियों का विलय होने तक एमटीएनएल प्रमुख दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की सहायक के रूप में काम करेगी।

(इंटरनेट फोटो)


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.