सिंदूर खेला में झूमी खोरीबाड़ी की महिलाएं

खोरीबाड़ी, 9 अक्टूबर (नि.सं.)। विजयादशमी पर देवी दुर्गा की विदाई के समय महिलाओं ने सिंदूर की होली खेली। खोरीबाड़ी व सीमावर्ती क्षेत्रों ठाकुरगंज, भातगांव में विजयादशमी के दौरान दुर्गा पूजा पंडालो में सिंदूर खेला की धूम रही। गौरतलब है कई जगहों के साथ-साथ खोरीबाड़ी में भी आज प्रतिमाएं विसर्जित की जायेगी।


 मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के ठीक पहले सिंदूर खेला की परम्परा है।  ऐसी मान्यता है की सिंदूर खेला से सौभाग्य का वरदान मिलता है और पति की उम्र लम्बी होती है। विजयादशमी  के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विवाहित महिलाएं हिस्सा लेती हैं।   नौ दिनों तक दुर्गा मां की भक्ति के बाद दशमी के रोज सिंदूर की होली खेली जाती है। इस बाबत जानकारों ने बताया कि  जिस प्रकार पूर्ण श्रृंगार कर बेटी को घर से विदा किया जाता है उसी प्रकार मां दुर्गा को भी ससुराल विदा किया जाता है।


इस दौरान हम माँ की गोद भराई कर पान और मिठाई खिलाते है। इसके बाद सिंदूर शुरू होता है तो इसके रंग में पूरी तरह रंग जाती हैं महिलाएं। मां को सिंदूर लगाने के बाद से ही शुरू हो जाती है महिलाओं की आपस में सिंदूर की होली। सिंदूर की होली का यह खेल होता भी इतना रोमांचक है कि शायद ही कोई महिला खुद को इससे दूर रख सके।  यह होली हर महिला के लिए एक खास मौका होता है।  चाहे बंगाली समाज की महिलाएं हों या अन्य समाज की।

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