अशोक भट्टाचार्य की पत्नी का आज किरणचंद्र श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार

सिलीगुड़ी, 28 अक्टूबर (नि.सं.)। माकपा के वरिष्ठ नेता और सिलीगुड़ी के पूर्व मेयर अशोक भट्टाचार्य की पत्नी रत्ना भट्टाचार्य का बुधवार को निधन हो गया। आज उनका पार्थिव शरीर कोलकाता से सिलीगुड़ी लाया गया। रत्ना देवी का पार्थिव शरीर आज सुबह एनजेपी स्टेशन से सुभाष पल्ली के घर पर लाया गया।


वहां से जिला वाम मोर्चा कार्यालय ले जाया गया, जहां सभी कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंतिम विदाई दी। बाद में किरणचंद्र श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पत्नी की मौत के बाद से अशोक भट्टाचार्य पूरी तरह से टूट गये है। वे अपनी पत्नी से बहुत प्यार करते थे। पत्नी की मौत के बाद उनका घर सूना-सूना हो गया।

आज रत्ना देवी को अंतिम विदाई देने के लिये नगर निगम के प्रशासक गौतम देव, जिला तृणमूल सभानेत्री पापिया घोष से लेकर विभिन्न दलों के नेता उनके घर पहुंचे। वहीं, भाजपा विधायक शंकर घोष कोलकाता से अशोक भट्टाचार्य के साथ सिलीगुड़ी लौटे है।


अपनी पत्नी की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते हुए अशोक भट्टाचार्य ने वह न केवल मेरी पत्नी थी, बल्कि माकपा की वरिष्ठ सदस्य भी थी। वह सभी को अपना मानती थी, इस लिये वह आम लोगोें की चहेती थी। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी अपना परिचय एक मंत्री अथवा मेयर की पत्नी होनेे रूप में नहीं दिया। उनका संपर्क विभिन्न व्यक्तियों, समाजसेवियों और खेल जगत से जुड़े लोगों के बीच थी।

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