सिलीगुड़ी, 28 जनवरी (नि.सं.)। सिलीगुड़ी के बाघाजतीन पार्क के सामने बुधवार को नागरिक प्रतिरोध मंच की ओर से एक नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन आशा कर्मियों की विभिन्न मांगों के प्रति सरकारी उदासीनता और उनके साथ हो रही कथित दुर्व्यवहार के विरोध में आयोजित किया गया। सम्मेलन में एक बार फिर आशा कर्मियों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। पश्चिम बंगाल आशा कर्मी यूनियन की दार्जिलिंग जिला अध्यक्ष नमिता चक्रवर्ती ने कहा कि पूरे राज्य के आशा कर्मी बीते 21 जनवरी को अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य भवन की ओर कूच कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर पुलिस के माध्यम से आशा कर्मियों को रोकने की कोशिश की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिलीगुड़ी न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर आशा कर्मियों को रोका गया और करीब 30 आशा कर्मियों को एनजेपी स्टेशन पर हिरासत में लिया गया था। इसके बावजूद आंदोलन जारी रहा। बाद में पांच आशा कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य भवन में बैठक हुई, लेकिन वहां से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। नमिता चक्रवर्ती ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक सरकार आशा कर्मियों को स्थायी वेतन नहीं देती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
