ग्रीन पटाखों के फोड़े जाने पर चिकित्सक और स्वयंसेवी संस्थाओं ने उठाये सवाल, निर्देशिका पर पुनर्विचार करने की मांग

सिलीगुड़ी, 28 अक्टूबर (नि.सं.)। दीपावली को लेकर राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरफ से एक निर्देशिका जारी की गई है। इस निर्देशिका में इको फ्रेंडली (ग्रीन पटाखों) को दो घंटों के लिए फोड़े जाने की अनुमति दी है। इधर, इस निर्देशिका के जारी होने के बाद अब सिलीगुड़ी के चिकित्सकों और स्वंय सेवी संस्था ने नाराजगी जाहिर की है। इसके साथ ही निर्देशिका पर दोबारा विचार करने की मांग की है। वहीं, आज इसे लेकर सिलीगुड़ी हिलकार्ट रोड स्थित नैफ के कार्यालय में विशिष्ट चिकित्सक के साथ माई डॉक्टर, कोविड केयर नेटवर्क ,सूर्य नगर समाज कल्याण संस्था के सदस्यों की उपस्थिति में एक चर्चा सभा का आयोजन किया गया।

सभा के दौरान चिकित्सक से लेकर स्वयंसेवी संस्था के सदस्यों ने एक स्वर में इस निर्देशिका की विरोधिता किया। चर्चा सभा में शामिल लोगों का कहना है कि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने ग्रीन पटाखा (इको फ्रेंडली) से आतिशबाजी करने की छूट दी है। दरअसल यह निर्देशिका 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई थी। उस वक्त देश में कोरोना वायरस नहीं था। लेकिन वर्तमान समय में पूरा देश कोरोना से लड़ रहा है। कोरोना की तीसरी लहर नवंबर और दिसंबर में दस्तक देने वाली है। इस माहौल में आखिरकार कैसे प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ग्रीन पटाखा से आतिशबाजी करने की निर्देशिका जारी कर सकता है।

 
इसीलिए वे लोग इस निर्देशिका पर दोबारा विचार करने के लिए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी से मांग करता है। इसके साथ ही प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को  ग्रीन पटाखा कैसा होना चाहिए इसके लिए गाइडलाइन जारी करना चाहिए। वहीं, उन लोगों ने कहा कि जल्द ही वे लोग इस विषय पर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करेंगे। साथ ही आगामी 31 अक्टूबर को लोगों को जागरूक करने के लिए एक रैली भी निकाली जाएगी। 

आज इस विशेष से चर्चा सभा में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के डीन संदीप सेन गुप्ता, विशिष्ट शिक्षक शंखो सेन, चिकित्सक अनिर्बन रॉय, कोविड केयर नेटवर्क के सदस्य डॉ कल्याण खान, चाइल्ड स्पेशलिस्ट प्रिंस पारेख , सूर्य नगर समाज कल्याण संस्था के साथ – साथ नैफ के सदस्य उपस्थित थे।

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