राजगंज, 19 मार्च (नि.सं.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रहे असंतोष के बीच आखिरकार बड़ा मोड़ आ गया है। राजगंज के चार बार के विधायक खगेश्वर राय ने साफ कर दिया है कि वह तृणमूल कांग्रेस में ही बने रहेंगे। पार्टी टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे खगेश्वर राय का अभिमान आखिरकार पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के एक फोन के बाद खत्म हो गया।
गुरुवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में खगेश्वर राय ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ऐलान किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं और आगे भी तृणमूल के लिए ही काम करेंगे। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद वह काफी नाराज थे और उनका आक्रोश लगातार बना हुआ था।
खगेश्वर राय ने कहा, बुधवार रात ममता बनर्जी का फोन आया था। उन्होंने मुझे पार्टी में रहकर काम करने के लिए कहा। दीदी की बात मैं टाल नहीं सकता, इसलिए मैंने फैसला किया है कि मैं तृणमूल में ही रहूंगा और पार्टी के लिए काम करता रहूंगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में मैदान में उतरेंगे और जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।
गौरतलब है कि खगेश्वर राय जलपाईगुड़ी जिला तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक है। उन्होंने 2009 के उपचुनाव में पहली बार राजगंज सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा में कदम रखा था। इसके बाद 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत हासिल कर वह चार बार विधायक बने।
हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया था। कई तरह की चर्चाएं चल रही थी कि वह पार्टी छोड़ सकते है। लेकिन अब ममता बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद इन सभी अटकलों पर विराम लग गया है और खगेश्वर राय ने साफ संदेश दिया है कि वह पार्टी के साथ मजबूती से खड़े है।
