सिलीगुड़ी,14 जनवरी (नि.सं.)। पौष पर्व के मौके पर बांगालियों के घर-घर में उत्सव का माहौल है। आज पीठे -पुली उत्सव मनाया जा रहा है। खजूर गुड़ की मिठास भरी खुशबू और तरह-तरह के पीठे -पुली के बिना पौष पर्व अधूरा सा लगता है चाहे वह घर में बने हों या फिर मिठाई की दुकानों से खरीदे गए हों।
पौष संक्रांति के अवसर पर सिलीगुड़ी समेत आसपास के इलाकों में मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी जा रही है। पीठे प्रेमियों की लंबी कतारें दुकानों के बाहर नजर आ रही हैं।
पहले की तुलना में अब बहुत कम लोग घरों में पीठे-पुली बनाते हैं। कामकाजी व्यस्तता के कारण कई लोग घर पर बैठे नहीं बना पाते। लोगों की इस व्यस्त जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए अब मिठाई की दुकानों पर तरह-तरह के कोठे उपलब्ध हैं।
दुकानों में भापा पीठे, दूध पुली, पाटिसापटा, चितई पीठे के साथ-साथ नए-नए फ्यूजन पीठे भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
ग्राहकों का कहना है कि पहले की तरह ढेंकी से चावल कूटने की परंपरा अब काफी कम हो गई है। अब कोई मिक्सर में चावल पीसता है तो कोई हाथ से। पहले संयुक्त परिवारों में पीठे बनाना आम बात थी, लेकिन अब परिवार छोटे हो गए हैं और व्यस्तता बढ़ने के कारण लोग बाजार की पीठ पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं।
