सिलीगुड़ी, 9 अप्रैल (नि.सं.)। पोस्टर विवाद को लेकर गरमाई राजनीति के बीच भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष ने सिलीगुड़ी महकमा अदालत में सरेंडर किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें बिना शर्त जमानत दे दी।
बताया जा रहा है कि पोस्टर विवाद मामले में पानीटंकी चौकी के ओसी निर्मल दास की शिकायत के आधार पर शंकर घोष और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस के काम में बाधा, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी से दुर्व्यवहार और धमकी देने सहित बीएनएस की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।यह विवाद तब बढ़ा जब तृणमूल उम्मीदवार गौतम देव की शिकायत पर पुलिस जांच के लिए भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंची। इसी दौरान शंकर घोष मौके पर पहुंचे और ओसी निर्मल दास के साथ तीखी बहस हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। एफआईआर दर्ज होने के अगले ही दिन शंकर घोष अदालत में पेश हुए और सरेंडर किया। अदालत ने उनकी दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका मंजूर कर ली।
जमानत मिलने के बाद शंकर घोष ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ मामला राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज किया गया है। उन्होंने पोस्टर विवाद में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को लेकर वह चुनाव आयोग के जनरल ऑब्जर्वर से मुलाकात करेंगे।
वकील के अनुसार, केस में नामित अन्य आरोपियों ने भी अदालत में सरेंडर किया और सभी को राहत मिली।
