सिलीगुड़ी, 22 जनवरी (नि.सं.)। सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान एसजेडीए की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। जिसके चलते एसजेडीए की टीम बिना कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते 17 तारीख को सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा सिटी सेंटर के विपरीत सरकारी जमीन पर महाकाल मंदिर का शिलान्यास किया है। फिलहाल, मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को देखते हुए आसपास के जगह को एसजेडीए की टीम खाली करने में लगी हुई है। इसी क्रम में आज मंदिर परिसर से सटे एसजेडीए की जमीन पर अतिक्रमण करके दुकान लगाने वालों और घरों को खाली करने के लिए टीम बुलडोजर लेकर पहुंची। लेकिन लोगों की नाराजगी और विरोध प्रदर्शन के आगे एसजेडीए की टीम को बिना कार्रवाई के खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। इधर, एसजेडीए की कार्रवाई को लेकर कुछ समय के लिए माटीगाड़ा महाकाल मंदिर के पास तनाव का माहौल फैल गया था। जिसके कारण भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। एसजेडीए की टीम के वापस जाने के बाद माहौल स्वाभाविक हुआ।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एसजेडीए बिना नोटिस दिए ही कार्रवाई करने पहुंच गई। उनका कहना है कि लंबे समय से वो यहाँ रह रहे हैं। दुकान से होने वाले आय पर उनका परिवार निर्भर है। लेकिन, अब उन्हें अचानक से हटाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर के आड़ में उनका हक छीना जा रहा है। इस विषय में एसजेडीए ने कहा कि यह जमीन एसजेडीए की है। जिस पर अवैध रूप से लंबे समय से कब्जा किया गया है। इससे पहले तीन बार वहां के लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। एसजेडीए ने कहा कि अगली बार लोगों को नोटिस देकर उनकी टीम कार्रवाई करने पहुंचेगी।
