सिलीगुड़ी, 14 मार्च (नि.सं.)। गैस सिलेंडरों की भारी कमी अब हर जगह महसूस की जा रही है। इसका असर घरों की रसोई से लेकर होटल और रेस्टोरेंट तक देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मिठाई की दुकानों को उठानी पड़ रही है।
पोइला बैसाख के नजदीक आने के कारण मिठाई की मांग बढ़ने वाली है, लेकिन ऐसे समय में सिलेंडर नहीं मिलने से मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। कई दुकानदार अब मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर मिठाई बनाने लगे है। घरेलू गैस सिलेंडर किसी तरह मिल भी जा रहा है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की सबसे ज्यादा कमी देखी जा रही है।
व्यवसायियों का कहना है कि दोगुनी कीमत देने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं। ऐसे में दुकानदार फिलहाल मांग को ध्यान में रखते हुए रसगुल्ला, संदेश, लड्डू और छेना जलेबी जैसी मुख्य मिठाइयां ही बना पा रहे है।
सिलीगुड़ी के एक मिठाई व्यवसायी पंकज घोष ने बताया गैस नहीं मिलने के कारण हम ठीक से मिठाई तैयार नहीं कर पा रहे है। कारोबार पर असर पड़ रहा है। कमर्शियल गैस की सप्लाई लगभग बंद है, इसलिए हमने विकल्प के तौर पर मिट्टी का चूल्हा बनाया है। सामने पोइला बैसाख है, अगर यही स्थिति रही तो कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा।
