सिलीगुड़ी,25 मई (नि.सं.)। तीस्ता नदी के कटाव के कारण लालटंग और चमकडांगी गांव नदी गर्भ में समा गया था। उस गांव के 131 परिवारों को तीस्तापल्ली में पुनर्स्थापित किया गया है। आज गौतम देव ने आज इलाके का जायजा लिया। बताया गया है कि पिछले वर्ष अक्टूबर माह में तीस्ता नदी के कटाव से सिलीगुड़ी संलग्न डाबग्राम 1 नंबर ग्राम पंचायत के लालटंग और चमकनडांगी गांव पूरी तरह नदी गर्भ में समा गया था।
नदी के कटाव के कारण कई ग्रामीणों ने अपने घर खो दिए। राज्य सरकार ने उस गांव के निवासियों के पुनर्वास के लिए शीघ्रता से कदम उठाए। सिलीगुड़ी के मजुआ बस्ती में 131 परिवारों का पुनर्वास किया गया। मुख्यमंत्री ने नव विकसित इलाके का नाम ‘तीस्तापल्ली’ रखा। उत्तरबंगाल के दौरे के दौरान मुख्यमंत्रीव्यक्तिगत रूप से उन 131 परिवारों को भूमि के पट्टे सौंपे।
राज्य सरकार की बांग्लार बाड़ी परियोजना के तहत परिवारों को स्थायी मकान उपलब्ध कराने की भी पहल की गई। इस परियोजना की पहली किस्त अगले महीने परिवारों को सौंप दी जाएगी।आज गौतम देव ने तीस्तापल्ली गांव में स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने निवासियों की समस्याएं सुनीं। तीस्तापल्ली के निवासी मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की इस पहल से खुश हैं। उन्होंने कहा कि बेघर होने के बावजूद अब वे एक नई जगह पर नया जीवन शुरू करने का साहस जुटा पा रहे है।
