पूजा आयोजकों के अनुसार, इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए पंडाल की सजावट की जाएगी। मां की प्रतिमा और पंडाल को विशेष रूप से प्रस्तुत करने की तैयारी है, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
काली पूजा के अवसर पर चार दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। क्लब के आयोजकों को उम्मीद है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचेंगे।




