आयोजकों के अनुसार, 25 नवंबर को रास उत्सव के बाद 26 नवंबर से 1 दिसंबर तक मेला और बाउल उत्सव चलेगा। सात दिवसीय इस आयोजन में राज्य के विभिन्न जिलों से बाउल कलाकार हिस्सा लेंगे। लोक संस्कृति को बढ़ावा देना और बंगाल की पारंपरिक बाउल संगीत विरासत को लोगों तक पहुंचाना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है।
बुधवार को आयोजित खूंटी पूजा में राजगंज पंचायत समिति के उपाध्यक्ष निताई मंडल, मान्तादाड़ी ग्राम पंचायत के प्रधान चैतन्य बारुई, मेला कमेटी के सचिव मदन बर्मन, सुजीत दे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




