सिलीगुड़ी,19 मार्च (नि.सं.)। एक दिलचस्प राजनीतिक मुकाबला डाबग्राम-फुलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां मां और बेटे आमने-सामने है। भाजपा की उम्मीदवार शिखा चटर्जी के खिलाफ उनके ही बेटे रंजन शील शर्मा तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
रंजन शील शर्मा कभी अपनी मां शिखा चटर्जी के साथ ही रहते थे और उन्हीं के हाथ पकड़कर राजनीति में कदम रखा था। लेकिन इस बार चुनावी मैदान में दोनों एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी बन गए है।
गुरुवार सुबह रंजन, फूल और मिठाई लेकर अपनी मां के घर पहुंचे। उन्होंने मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और शुभकामनाएं भी ली। इसके बाद वह प्रचार के लिए निकल पड़े।
शिखा चटर्जी, जो डाबग्राम-फुलबाड़ी से भाजपा की उम्मीदवार हैं और पिछले 5 साल तक विधायक भी रह चुकी हैं, ने अपने बेटे को आशीर्वाद देते हुए कहा, देश की रक्षा करो, शुभ बुद्धि का उदय हो। उन्होंने इस चुनावी मुकाबले को धर्म और अधर्म की लड़ाई भी बताया।
वहीं रंजन शील शर्मा ने कहा कि व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह है और राजनीति अपनी जगह है। उन्होंने साफ किया कि विचारधारा के स्तर पर दोनों अलग-अलग दलों में है। इस तरह डाबग्राम-फुलबाड़ी में यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक और वैचारिक टकराव का भी एक अनोखा उदाहरण बन गया है।
