सिलीगुड़ी, 18 नवंबर (नि.सं)। सिलीगुड़ी नगर निगम द्वारा अवैध निर्माण को तोड़ने के दौरान आज माहौल काफी गर्म हो गया। जब नगर निगम की सत्ताधारी बोर्ड और उसी के पार्षद एमएमआईसी दिलीप बर्मन आमने-सामने खड़े हो गए। दरअसल, नगर निगम के मेयर गौतम देव के निर्देश पर 46 नंबर वार्ड में एक बिल्डिंग के अवैध पार्किंग को तोड़ने के लिए नगर निगम के कर्मचारी पहुंचे थे। लेकिन सत्ताधारी बोर्ड में एमएमआईसी दिलीप बर्मन नगर निगम के अभियान को लेकर विरोध करने लगे। उन्होंने सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव और डिप्टी मेयर रंजन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सिलीगुड़ी शहर में रुपये का खेल चल रहा है। 46 नंबर वार्ड से मेयर और डिप्टी मेयर को कथित तौर पर ‘कलेक्शन’ नहीं मिल रहा। इसी कारण वे इलाके में बार-बार बिल्डिंग तोड़ने लोगों को भेज रहे हैं। जो एक षड्यंत्र है।
दिलीप बर्मन ने मेयर और डिप्टी मेयर पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले 46 नंबर वार्ड में खटाल और एक अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को रंजन सरकार ने वापस बुला लिया था। इसलिए यदि अभियान चलाना है तो पहले खटाल और अवैध निर्माण वाले घर पर चलाए। इस दौरान पार्षद के साथ पुलिस की कहासुनी भी हुई। जिसके बाद दिलीप बर्मन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जबरन इसे तोड़ा गया तो वह आत्महत्या कर लेंगे और इसका जिम्मेदार पुलिस होगी। हालांकि दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद नगर निगम ने अतिरिक्त पुलिस बल मंगा कर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान नगर निगम के कर्मचारियों ने बिल्डिंग में पार्किंग हिस्से में बने दुकान पाट और अवैध निर्माण को पूरी तरह से हटा दिया। दिलीप बर्मन इतने में ही नहीं रुके। उन्होंने आगामी विधान सभा चुनाव में अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली।
दूसरी ओर, बहुमंजिला इमारत में बनाए गये दुकान मालिक माणिक देबनाथ ने कहा कि अवैध निर्माण वाली शिकायत को लेकर म्यूचल कर लिया गया था। जिसकी जानकारी नगर निगम के कमिश्नर को दी गई थी। बावजूद नगर निगम बिना नोटिस दिए आज करवाई के लिए पहुंच गई। वहीं, नगर निगम अधिकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध निर्माण को तोड़ने के पहले नोटिस दिया गया था। जिसके बाद आज अभियान चलाया गया है। इधर, सत्ताधारी बोर्ड और एमएमआईसी के बीच की लड़ाई ने तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी कलह को एक बार फिर से जगजाहिर कर दिया है।इससे पहले भी नगर निगम की बोर्ड मीटिंग में दिलीप बर्मन ने अपने बोर्ड के मेयर और डिप्टी मेयर के विरूद्ध बागी रूप अपनाया था
