सिलीगुड़ी, 23 अक्टूबर (नि.सं.)। सिलीगुड़ी में इस वर्ष दुर्गापूजा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पूजा के चार दिनों में शहर में किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, इस दौरान हुई आठ सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, पूजा के दौरान हंगामा करने, महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ करने तथा नशे में मारपीट और हुरदंग करने के आरोप में पुलिस ने 255 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। इसके अलावा एसपी रैंक के विशेष अधिकारियों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शहर के विभिन्न इलाकों पर नजर रखने के लिए नाइट विजन कैमरों का इस्तेमाल किया गया। षष्ठी से नवमी तक पुलिस की विशेष निगरानी जारी रही।
पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर सैयद वकार रजा ने खुद पुलिसकर्मियों के साथ देर रात तक बाइक से शहर का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। महिला सुरक्षा के लिए विनर्स टीम के साथ पिंक पेट्रोलिंग वैन भी लगातार गश्त करती रही। वहीं, भीड़ पर नजर रखने के लिए विशेष एंटी-पिकपॉकेट टीम तैनात की गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के सात थानों की पुलिस ने पूजा के चार दिनों में कुल 255 लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर नशे में हंगामा करने, झगड़ा-मारपीट करने, महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ करने तथा पूजा के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने के आरोप हैं।
यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए भी पुलिस ने सख्ती बरती थी। नवमी की रात जंक्शन ट्रैफिक गार्ड की ओर से विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की शिकायतों के आधार पर बाइकों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए गए और चालान काटे गए।
कुल मिलाकर, व्यापक पुलिस तैनाती, लगातार गश्त और सख्त निगरानी के कारण सिलीगुड़ी में दुर्गापूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।





