क्लब सूत्रों के अनुसार, पूजा कमेटी हर वर्ष कुछ नया प्रस्तुत कर दर्शकों को आकर्षित करने का प्रयास करती है। पिछले वर्ष बाल रूप में गणेश की प्रतिमा ने लोगों का ध्यान खींचा था। इसी परंपरा को जारी रखते हुए इस वर्ष गणपति को ध्यानमग्न तपस्वी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
करीब 11 फीट ऊंची प्रतिमा में गणेश के एक अलग रूप को दर्शाया गया है। प्रतिमा में गणेश के हाथ में ‘महाकाल’ के प्रतीकात्मक स्वरूप को भी दिखाया गया है, जिससे पूजा की थीम को और गहराई मिली है।
शहर के शिवराम पल्ली स्थित विवादी स्मरणी में इस पूजा का आयोजन किया जा रहा है। पांच दिनों तक मंडप में श्रद्धालुओं के लिए प्रतिमा के दर्शन की व्यवस्था रहेगी। प्रतिदिन प्रसाद वितरण के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है।





