इस दौरान सदस्यों ने गोसेवा के माध्यम से मानसिक शांति और संतुष्टि मिलने की बात कही है। साथ ही भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया। इस पहल का अवसर उपलब्ध कराने के लिए संगठन के सदस्यों ने विष्णु बंसल और उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
आयोजकों के अनुसार, गोसेवा केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि गायों के लिए उचित भोजन, देखभाल और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था भी बेहद जरूरी है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल या बीमार होने वाली गायों को बचाकर गोकुल धाम लाया जाता है, जहां उनका इलाज किया जाता है।
इस सेवा को और बेहतर बनाने के लिए गोकुल धाम में अस्पताल और जांच केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा प्रयोगशाला, एक्स-रे मशीन और ऑपरेशन की सुविधाएं विकसित करने की भी तैयारी है।
गायों के भोजन और देखभाल के साथ-साथ गोशाला की ओर से शैंपू, क्रीम, गोबर के उपले और जैविक खाद जैसे उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। आयोजकों ने चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए आर्थिक सहयोग करने के इच्छुक लोगों से दान देने की अपील की है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य गोसेवा और गोसंरक्षण के कार्यों से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना है। आयोजकों ने लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार गायों की सेवा और चिकित्सा में सहयोग करने का आग्रह किया है।





