सिलीगुड़ी, 26 अगस्त (नि.सं.)। सिलीगुड़ी नगर निगम के वर्तमान बोर्ड के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए दार्जिलिंग जिला माकपा ने नगर निगम अभियान शुरू किया है। माकपा के इस अभियान को लेकर नगर निगम में तनाव का माहौल देखा गया। आज आंदोलनकारियों ने नगर निगम के कार्यालय का मुख्य द्वार तोड़कर अंदर घुस गये। साथ ही पुलिस टीम के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी गई।
सिलीगुड़ी के पूर्व मेयर अशोक भट्टाचार्य,जिला वामफ्रंट के संयोजक जीबेश सरकार ने नगर निगम अभियान का नेतृत्व किया। यह रैली एयरव्यू मोड़ से शुरू होकर शहर के विभिन्न इलाकों की परिक्रमा कर नगर निगम में पहुंची। हालांकि, पुलिस ने रैली को बैरिकेड्स से रोक दिया। जिसके बाद माकपा कार्यकर्ता के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की हो गई। आंदोलनकारियों ने पुलिस बैरिकेड और नगर निगम के मुख्य द्वार का एक हिस्सा तोड़कर अंदर घुसे। इसके बाद वे लोग नगर निगम में लंबे समय तक धरना प्रदर्शन किया। बाद में शीर्ष नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई।
जिला वामफ्रंट के संयोजक जीबेश सरकार ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव से पहले कई वादे किए थे। लेकिन बोर्ड बनने के बाद नगर निगम में कोई काम नहीं हुआ है। शहर के लोग आज भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि तृणमूल विकास की बात करती है, लेकिन तृणमूल अभी तक किसी भी तरह का विकास कार्य नहीं किया है। आम लोगों की समस्याओं को उजागर करने के लिये नगर निगम पहुंचे, लेकिन कार्यालय का गेट बंद था। इसलिए आज उन्होंने आम लोगों के लिए बने गेट को तोड़कर कार्यालय में प्रवेश किया।
वहीं,वामफ्रंट के इस आंदोलन को कटाक्ष करते हुए मेयर गौतम देव ने कहा कि वामफ्रंट कार्यकाल के कई बकाया हैं। अब उन्हें इस बोर्ड द्वारा भरा जा रहा है। वामफ्रंट कार्यकाल के दौरान नियुक्त किए गए किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं गया है। सभी का भुगतान किया जा रहा है। मेयर ने दावा किया कि एक के बाद एक काम किया जा रहा है।
