एबीवीपी के अनुसार, उत्तर बंगाल के 12 संगठनात्मक जिलों से छात्राएं इस प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगी। प्रशिक्षण के दौरान दुपट्टे, कलम और हेयर क्लिप जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं का इस्तेमाल कर विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे की जाए, इसकी जानकारी दी जाएगी।
शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राएं अपने-अपने जिलों में लौटकर विभिन्न शिक्षण संस्थानों की अन्य छात्राओं को भी आत्मरक्षा के गुर सिखाएंगी।
संगठन का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच छात्राओं में आत्मरक्षा कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। शिविर में तीन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के साथ दो पेशेवर प्रशिक्षक प्रशिक्षण देंगे।
संवाददाता सम्मेलन में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की सदस्य एवं राज्य गर्ल्स इंचार्ज पूजा राम, राज्य संयुक्त सचिव अदिति विश्वास, राष्ट्रीय कलामंच की संयोजक सुस्मिता अधिकारी और स्नेहा राय उपस्थित थी।





