सिलीगुड़ी, 29 अक्टूबर (नि.सं.)। सिलीगुड़ी में संधानी क्लब ने खूंटी पूजा के साथ अपनी काली पूजा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष क्लब की काली पूजा 51वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस बार पूजा का मुख्य आकर्षण ‘पटचित्र कथा’ थीम होगी, जिसके जरिए बंगाल की लोककला, संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, पुराने समय में बंगाल के ग्रामीण इलाकों में पटुआ कलाकार पटचित्रों के माध्यम से देवी-देवताओं की महिमा, पौराणिक कथाओं और सामाजिक जीवन से जुड़ी कहानियों को प्रस्तुत करते थे। संधानी क्लब इसी प्राचीन कला परंपरा को आधुनिक पंडाल सज्जा के माध्यम से जीवंत करने की तैयारी कर रहा है।
पूजा कमेटी के सचिव अभिजीत हालदार ने बताया कि इस थीम का उद्देश्य बंगाल की मिट्टी, यहां के लोगों और विलुप्त होती लोक संस्कृति से नई पीढ़ी को परिचित कराना है। पंडाल को पटचित्र, मिट्टी के कलश और पौराणिक कथाओं पर आधारित चित्रों से सजाया जाएगा। आकर्षक रोशनी के जरिए भी बंगाल की पारंपरिक लोककला के विभिन्न पहलुओं को उभारा जाएगा। क्लब का प्रयास इस बार केवल भव्य सजावट तक सीमित न रहकर बंगाल की सांस्कृतिक जड़ों और विरासत को लोगों के सामने प्रस्तुत करना है।




