सहायिकाओं का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें निर्धारित मासिक मानदेय की पूरी राशि नहीं दी जा रही है। फिलहाल उन्हें निर्धारित मानदेय का केवल एक-चौथाई हिस्सा ही मिल रहा है। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार का खर्च चलाना तो दूर, जरूरी खर्च उठाना भी मुश्किल हो गया है।
सहायिकाओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद उनसे अतिरिक्त कार्य भी करवाए जा रहे हैं, लेकिन इसके लिए अब तक कोई अतिरिक्त भुगतान या भत्ता नहीं दिया गया है।
बुधवार सुबह प्रदर्शन के बाद सहायिकाओं ने नगर निगम अधिकारियों को लिखित शिकायत भी सौंपी। उन्होंने सरकारी निर्देश के अनुसार निर्धारित मानदेय की पूरी राशि नियमित रूप से और समय पर दिए जाने की मांग की है।





