नक्सलबाड़ी, 20 फरवरी (नि.सं)। असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी समुदाय पर कथित शोषण और उत्पीड़न के विरोध में नक्सलबाड़ी में आदिवासी जन जागरण समिति के बैनर तले विरोध मार्च निकाला गया।
रैली रथखोला मोड़ से शुरू होकर नक्सलबाड़ी बाजार होते हुए आदिवासी मैदान स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष समाप्त हुई। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से (एसआईआर) प्रक्रिया में आदिवासियों के उत्पीड़न, दस्तावेजों में नाम की त्रुटियों और कथित फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्रों को रद्द करने जैसे मुद्दों को उठाया।
संगठन के अध्यक्ष रंजन चिकबड़ाइक ने आरोप लगाया कि असम में आदिवासी समुदाय के साथ अन्याय हो रहा है और कई लोगों के दस्तावेजों में नाम की गलतियों के कारण उन्हें एसआईआर में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि कई आदिवासियों के नाम सूची से काटे जा सकते है। नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि एसआईआर प्रक्रिया में आदिवासियों के नाम हटाए गए तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
