प्रदर्शनकारी दुकानदारों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टेशन परिसर में दुकानें चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में अचानक 15 दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का नोटिस मिलने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों ने चिंता जताई कि दुकानें हटने के बाद वे अपने परिवार का खर्च कैसे चलाएंगे।
दुकानदारों के अनुसार, उन्होंने अपनी समस्या से रेलवे अधिकारियों, विधायकों, मंत्रियों और विभिन्न विभागों को लिखित रूप से अवगत कराया है। उनका कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन छोटे कारोबारियों की आजीविका छीनकर किए जाने वाले विकास को स्वीकार नहीं करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे से दुकानें खाली करने का नोटिस तत्काल वापस लेने और उनकी आजीविका सुरक्षित रखने की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।





