लंबे समय बाद अपने पूर्व छात्र को इस तरह घर पर देखकर शिक्षक सुखमय दास भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि बचपन से ही शंकर बेहद मेधावी छात्र था और तभी उन्हें एहसास हो गया था कि वह अन्य छात्रों से कुछ अलग है।
सुखमय दास ने कहा कि उनके कई छात्र आज वैज्ञानिक समेत विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर स्थापित हैं और उनमें शंकर भी एक हैं, जो आज राजनीति में सक्रिय होकर राज्य के मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शंकर का उनके घर आकर पैर छूना उनके लिए बेहद खुशी और गर्व का क्षण है। इसी घर के नीचे बने एक कमरे में वह कभी छात्र-छात्राओं को पढ़ाया करते थे। उस समय का एक छात्र आज इतने बड़े मुकाम पर पहुंचा है, यह एक शिक्षक के तौर पर उनके लिए बेहद गर्व की बात है।





