बताया गया है कि 30 जुलाई को सुकना वन विभाग ने इको-सेंसिटिव जोन में चल रहे एम/एस बी.एन. रॉय कंपनी के स्टोन क्रेशर का निरीक्षण किया था। जांच में क्रेशर को महानंदा वन्यजीव अभयारण्य के इको-सेंसिटिव जोन में पाया गया, जिसके बाद विभाग ने यूनिट को सील कर दिया था।
वन विभाग के अनुसार, क्रेशर संचालन के लिए DFO, दार्जिलिंग वाइल्डलाइफ डिविजन के नाम और कथित हस्ताक्षर वाला NOC पेश किया गया था। जांच में सामने आया कि संबंधित कार्यालय ने ऐसा कोई NOC जारी नहीं किया था और दस्तावेज पर दर्ज अधिकारी भी उस तारीख को उक्त पद पर कार्यरत नहीं थे।
इसके बाद वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज कर विपुल राय को गिरफ्तार किया और सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि फर्जी NOC किसने तैयार किया और इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।





