घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे के नीचे दबे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए दार्जिलिंग सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के समय ताकदा ग्रामीण अस्पताल में कुल छह लोग मौजूद थे। तड़के अचानक भूस्खलन से अस्पताल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
क्षतिग्रस्त हिस्से को देखते हुए अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और भूस्खलन की स्थिति के बीच इस घटना ने चिंता बढ़ा दी है।
इस बीच, निम्न दबाव के प्रभाव से गुरुवार रात से पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो रही है। बालासन, तीस्ता और महानंदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। साथ ही तीस्ता नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।





