सिलीगुड़ी, 15 सितंबर (नि.सं.)। उत्तर बंगाल में पहली बार मां दुर्गा 100 किलो सोने के आभूषणों से सजने जा रही हैं। इस विशेष आयोजन में सिर्फ मां दुर्गा ही नहीं, बल्कि कार्तिक, गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती की प्रतिमाओं को भी 100 किलो सोने के विशेष आभूषणों से सजाया जाएगा। मंगलवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट्स क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सेंट्रल कॉलोनी दुर्गा पूजा कमेटी ने अपने 64वें वर्ष के इस खास आयोजन की जानकारी दी।
हर वर्ष दुर्गा पूजा में कुछ नया करने वाली सेंट्रल कॉलोनी इस बार बड़े स्तर पर आयोजन करने जा रही है। सेनको गोल्ड के सहयोग से कुल 100 किलो सोने के विशेष आभूषण तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा बालुरघाट के प्रसिद्ध कलाकार द्वारा पूजा का मंडप तैयार किया जा रहा है, जबकि चंदननगर के कलाकारों की आकर्षक रोशनी भी पूजा का प्रमुख आकर्षण होगी।
हालांकि, इस वर्ष पूजा स्थल में बदलाव किया गया है। जिस स्थान पर अब तक पूजा होती थी, वहां रेलवे की ओर से क्रिकेट मैदान बनाने का काम चल रहा है। इसके चलते इस बार पुराने पूजा स्थल से करीब 200 मीटर दूर न्यू जलपाईगुड़ी थाने के पास एक मैदान में पूजा आयोजित की जा रही है। स्थान बदलने के बावजूद आयोजन और आकर्षण में कोई कमी नहीं रखने की तैयारी है।
100 किलो सोने के आभूषणों से सजी प्रतिमाओं को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मंडप से करीब 8 फीट पहले से ही बैरिकेडिंग की जाएगी और पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा।
कई सुरक्षा गार्ड और निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में व्यापक पुलिस सुरक्षा भी रहेगी। मंडप के पीछे भी अलग से बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, इस विशेष पूजा के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक समेत कई विशिष्ट लोगों को आमंत्रित करते हुए पत्र भेजे जा चुके हैं। पूजा से करीब एक सप्ताह पहले उद्घाटनकर्ता के नाम की घोषणा की जाएगी। तृतीया के दिन शाम 6 बजे पूजा का उद्घाटन होगा।
100 किलो सोने के इस अनोखे आयोजन को लेकर सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल में अभी से उत्सुकता बढ़ गई है। आयोजकों को उम्मीद है कि पूजा के दौरान शहर आने वाले पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों की भी बड़ी भीड़ यहां उमड़ेगी।





