गौरतलब है कि 26 सितंबर को हैदरपाड़ा इलाके में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत में काम करने के दौरान गिरने से मजदूर की मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के समय इमारत में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
सीटू की दार्जिलिंग जिला निर्माण श्रमिक यूनियन का आरोप है कि मजदूर की मौत के बाद भी निर्माण कार्य के जिम्मेदार मालिक पक्ष ने अब तक उसके परिवार को आर्थिक सहायता नहीं दी है। इसके कारण परिवार आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहा है।
संगठन ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम लागू करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित अधिकारियों से मजदूरों की सुरक्षा और उनके परिवारों की आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।





