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उत्तरकन्या बैठक में सिलीगुड़ी नगर निगम भ्रष्टाचार मुद्दा गरम, जांच के आदेश
फूलबाड़ी, 20 मई (नि.सं.)। उत्तरकन्या में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में सिलीगुड़ी नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल को निर्देश दिए है। यह जानकारी दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट और सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को उत्तरकन्या में उत्तर बंगाल को लेकर उत्तर बंगाल के इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स समेत कई मुद्दों पर एक हाई-लेवल प्रशासनिक बैठक की। मीटिंग के बाद सांसद राजू बिष्ट और विधायक शंकर घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहां कई जरूरी घोषणाओं और प्रशासनिक फैसलों पर रोशनी डाली गई।
प्रेस वार्ता में कई अहम घोषणाएं भी की गई। बताया गया कि जून से ‘विकसित भारत-जी राम जी’ 125 दिन का कार्य परियोजना शुरू होगी और महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा लागू की जाएगी।
बैठक में सिलीगुड़ी नगर निगम में भ्रष्टाचार पर भी चर्चा हुई। सांसद और विधायक ने कहा कि नगर निगम में बड़े भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए है। मुख्यमंत्री ने शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल को आरोपों की जांच को देखने का आदेश दिया है।
नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीर बताते हुए जल्द जांच शुरू करने की बात कही गई। साथ ही जिन नगर निगमों में अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं, वहां मानसून के बाद चुनाव कराने की योजना है।
चाय बागान क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया और इसे और प्रभावी बनाने के लिए असम मॉडल अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। नेताओं ने बताया कि उत्तर बंगाल के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए हर महीने इस तरह की प्रशासनिक बैठक आयोजित की जाएगी, साथ ही पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।
