गौरतलब है कि ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत पुलिस ने 26 अक्टूबर को मनीषा मंडल को गिरफ्तार किया था। अगले दिन उसे सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया, जहां से पांच दिनों की पुलिस रिमांड मिली।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर सितंबर में दर्ज शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई थी। करीब एक महीने की जांच के बाद युवती के बैंक खाते में साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लेनदेन का पता चला। शुरुआती जांच में खाते में कुल 91 लाख 21 हजार 808 रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर उनसे रुपये वसूले जाते थे।
पुलिस ने बैंक पहुंचकर खाते के लेनदेन, रकम जमा करने और ट्रांसफर करने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारियां जुटाई। हालांकि, बैंककर्मियों की मिलीभगत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।





