नए आरओबी के चालू होने से दार्जिलिंग मोड़ पर यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। निर्माण कार्य के कारण पिछले कई महीनों से सड़क संकरी होने और पुराने आरओबी को हटाकर नया निर्माण किए जाने के चलते यहां लगातार जाम की स्थिति बनी हुई थी। कई बार वाहन चालकों और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ता था।
बताया गया है कि सांसद राजू बिष्ट की पहल पर वर्ष 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बलासन से सेवक आर्मी कैंप तक फोर लेन एलिवेटेड सड़क परियोजना की आधारशिला रखी थी। करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत दार्जिलिंग मोड़ पर पुराने आरओबी को हटाकर नया आरओबी बनाया गया है।
निर्माण कार्य के दौरान लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए सांसद राजू बिष्ट ने पिछले सप्ताह मौके का निरीक्षण किया था और नए आरओबी को जल्द आम लोगों के लिए खोलने की बात कही थी। अपने आश्वासन के अनुसार रविवार को वह पीडब्ल्यूडी मंत्री अजय पोद्दार के साथ दार्जिलिंग मोड़ पहुंचे। निरीक्षण के बाद आरओबी को यातायात के लिए खोल दिया गया।
इस मौके पर राजू बिष्ट ने कहा कि नए आरओबी के खुलने से दार्जिलिंग मोड़ पर जाम की समस्या कम होगी। उन्होंने बताया कि फोर लेन एलिवेटेड सड़क परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पूरी सड़क को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने सिलीगुड़ी में रिंग रोड समेत अन्य विकास कार्य शुरू किए जाने की भी बात कही।
पीडब्ल्यूडी मंत्री अजय पोद्दार ने कहा कि सांसद राजू बिष्ट की पहल पर यह निर्माण कार्य आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नए आरओबी को रविवार से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है और विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।





