निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम की आधारभूत संरचना, मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और अग्निशमन व्यवस्था की जांच की गई। खास तौर पर फायर सेफ्टी और आपात स्थिति में मरीजों तथा उनके परिजनों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था पर सवाल उठे है। कुछ नर्सिंग होम में फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिलने पर आयोग के चेयरमैन ने चिंता जताई है।
इसके अलावा डॉक्टरों की पहचान और दस्तावेजों से संबंधित भी कई विसंगतियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर डॉक्टरों के नाम के साथ उनका रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज नहीं होने की बात सामने आई। मरीजों को इलाज देने वाले डॉक्टरों से संबंधित आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के लिए भी नर्सिंग होम प्रबंधन को निर्देश दिया गया।
नर्सिंग होम की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी स्वास्थ्य आयोग ने नाराजगी जताई है। कुछ जगहों पर शौचालय अस्वच्छ पाए गए। वहीं मरीजों और उनके परिजनों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था नहीं होने पर भी अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की है।
निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम प्रबंधन को सामने आई कमियों को जल्द दूर करने का निर्देश दिया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य आयोग के चेयरमैन विश्वजीत बसु ने कहा कि नर्सिंग होम में कई अनियमितताएं सामने आई हैं और संबंधित प्रबंधन को उन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी, साफ-सफाई और पेयजल जैसी व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल कमियों को दूर करने के लिए नर्सिंग होम प्रबंधन को समय दिया गया है। निर्धारित समय में निर्देशों के अनुसार सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।




