जानकारी के अनुसार,13 सितंबर की शाम होमस्टे में समीर दास और उनकी पत्नी निकिता दास बारबेक्यू के सामने सामने बैठे थे। इसी दौरान किसी ने बारबेक्यू की आग में कथित तौर पर कोई तरल पदार्थ डाल दिया, जिससे अचानक निकिता के शरीर में आग लग गई। समीर और अन्य लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और निकिता को अस्पताल पहुंचाया।
बाद में निकिता को सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। निकिता के मामा तापस दास का आरोप है कि आग में झुलसने के बाद करीब एक घंटे तक निकिता घायल अवस्था में होमस्टे की बालकनी में पड़ी रहीं और उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं मिला। परिवार की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।





