अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ट्रैवल मैगजीन और गाइडबुक की इस मान्यता से दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की पहचान को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई मिली है।
डीएचआर की ऐतिहासिक विरासत, पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता, परंपरा और आधुनिकता का मेल तथा स्थानीय समुदायों की भागीदारी से पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को इस उपलब्धि का प्रमुख आधार बताया गया है।
डीएचआर के निदेशक ऋषभ चौधरी ने कहा कि लोनली प्लैनेट जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था से मिली यह मान्यता केवल दार्जिलिंग या टॉय ट्रेन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी हिमालय के पर्यटन उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इससे विरासत संरक्षण और स्थानीय समुदायों के साथ आधुनिक पर्यटन व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। उनके अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय पहचान से आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।





