बैठक में मंत्री अर्जुन सिंह, चाय बागान कंपनियों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मंत्री ने कई मुद्दों पर कड़ा संदेश दिया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अर्जुन सिंह ने बताया कि चाय श्रमिकों के लिए 20 प्रतिशत बोनस घोषित किया गया है। अब तक 19 चाय बागान कंपनियां श्रमिकों को बोनस का भुगतान कर चुकी हैं।
लंबे समय से बंद चाय बागानों को लेकर मंत्री ने कहा कि अतीत में गलत समझौतों और फैसलों के कारण कई बागान समस्याओं में फंसे हैं। कई कंपनियों पर श्रमिकों के पीएफ और ईएसआई की राशि जमा नहीं करने तथा बकाया भुगतान किए बिना चले जाने के आरोप हैं।
बंद चाय बागानों से अवैध रूप से चाय पत्ती बेचने के आरोपों पर भी सख्त कदम उठाने की बात कही गई। निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है। पुलिस और जिला प्रशासन को बंद बागानों से चाय पत्ती की बिक्री पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
चाय उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए नई कंपनियों और उद्यमियों को भी अवसर देने की बात मंत्री ने कही है। उन्होंने बताया कि यदि कोई सक्षम कंपनी या उद्यमी बागान चलाना चाहता है और पूर्व बकाया का भुगतान करता है, तो सरकार नए प्रस्ताव के आधार पर उसे काम करने का अवसर देगी।





