बैठक में कृषि विपणन विभाग के सचिव अभिनव चंद्र, एसडीओ, डीएम समेत बाजार के व्यवसायी मौजूद रहे। बैठक में सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट की मौजूदा आधारभूत संरचना से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई। मंत्री ने बताया कि बाजार में सड़क, जल निकासी व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग समेत कई समस्याएं हैं।
मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि बाजार परिसर में प्रोसेसिंग सेंटर बनाया जा सकता है। थर्मोकोल समेत अन्य कचरे के लिए अलग प्रोसेसिंग यूनिट बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल कचरा हटाने के लिए व्यवसायियों को नगर निगम के कर्मचारियों को भुगतान करना पड़ता है। बाजार के भीतर ही कचरा प्रसंस्करण की व्यवस्था शुरू होने से यह खर्च कम होगा और प्रोसेस किए गए कचरे से आय का अवसर भी पैदा हो सकता है।
इसके साथ ही बाजार में बेहतर पेयजल व्यवस्था की जाएगी। बाहर से आने वाले ट्रक चालकों के लिए विश्रामागार बनाने की भी योजना है। बाजार में कोल्ड स्टोरेज बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
मंगलवार को रेगुलेटेड मार्केट में दो अलग-अलग बैठक भी हुई है। यह बैठक प्याज कारोबारियों और चीनी कारोबारियों के साथ हुई। प्याज की बढ़ती कीमतों पर चर्चा के बाद मंत्री ने बताया कि इसी महीने के भीतर करीब 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बाजार में उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। वहीं, चीनी की कीमत कम कर इसी महीने के भीतर 50 रुपये प्रति किलो या उससे कम की दर से चीनी बाजार में उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।





