जानकारी के अनुसार, कालिम्पोंग में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा नेपाल और बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया था। करीब 310 प्रतियोगियों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें गोविंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की।
गोविंद लंबे समय से किक बॉक्सिंग, कराटे और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स—तीनों विधाओं का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे पहले वह साउथ एशिया कप में लगातार तीन बार चैंपियन भी रह चुके हैं। वर्तमान में एक निजी संस्था में काम करने के साथ-साथ वह सिलीगुड़ी में प्रशिक्षण भी देते हैं।
प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और प्रशिक्षण समेत अपने सभी खर्च वह खुद उठाते हैं। गोविंद का कहना है कि अगर उन्हें सरकारी सहयोग मिले तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। आने वाले दिनों में अधिक से अधिक मुकाबलों में हिस्सा लेकर देश के साथ-साथ सिलीगुड़ी का नाम भी रोशन करना उनका लक्ष्य है।





