राजगंज, 5 नवंबर (नि.सं.)। तीन महीने बीत जाने के बाद भी दीपंकर गोप की घर वापसी नहीं हो सकी है। बेटे के लौटने की उम्मीद में पूरा परिवार दिन गिन रहा है। दीपंकर के घर नहीं लौटने के कारण इस साल परिवार ने घर में काली पूजा नहीं करने का फैसला लिया है। दीपावली के त्योहार के बीच गोप परिवार के घर में खुशियों की जगह चिंता और दीपंकर के लौटने का इंतजार है।
जानकारी के अनुसार, गत 8 अगस्त को राजगंज के चाउलहाटी सीमावर्ती इलाके में अपनी जमीन पर काम करने के दौरान दीपंकर गोप को कुछ बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा कथित तौर पर अगवा कर लिया गया था। परिवार का आरोप है कि सीमा पर कंटीले तारों के उस पार स्थित अपने चाय बागान में दवा का छिड़काव करते समय उन्हें उठा लिया गया था। बाद में उन पर कटहल चोरी का आरोप लगाकर बांग्लादेश पुलिस के हवाले कर दिया गया।
इस घटना के बाद से ही परिवार के सदस्य दीपंकर की वतन वापसी का इंतजार कर रहे हैं। मामले को लेकर बीएसएफ और बीजीबी के बीच कई बार संपर्क और बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। वहीं, दीपंकर की पत्नी महामाया गोप ने अपने पति की जल्द घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।




