सिलीगुड़ी, 5 नवंबर (नि.सं.)। सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने माटीगाड़ा के लेक्सिकन मोड़ स्थित एक अपार्टमेंट में किराए का कमरा लेकर चलाए जा रहे कथित अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक युवती समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से दर्जनों मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। आरोप है कि आईटी कारोबार की आड़ में यहां साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, माटीगाड़ा थाना अंतर्गत लेक्सिकन मोड़ के पास स्थित मेफेयर ग्रीन-1 अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 103 में गुप्त रूप से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। Anisha IT Solution के नाम से संचालित इस कथित आईटी कंपनी ने अपार्टमेंट में किराए पर कमरा लेकर अपना कार्यालय बना रखा था।
गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार देर रात सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (DD), साइबर टीम और माटीगाड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। इस दौरान बंद कमरे के अंदर चल रहे कथित अवैध कॉल सेंटर का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके से आठ युवकों और एक युवती को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि सिंह (23), अरिंदन सिन्हा रॉय (28), एगी एग्नेस गोसाके (24), भरत शर्मा (25), इरशाद अहमद (27), शुभम शर्मा (23), मौसिन अंसारी (30), नलिन सिंह (29), और रेहान खान (22) के रूप में हुई है।
गौरतलब है कि इससे पहले सिलीगुड़ी में अवैध कॉल सेंटर को लेकर वेबेल आईटी पार्क लगातार सुर्खियों में रहा था। सरकारी वेबेल आईटी पार्क से अवैध कॉल सेंटर संचालित होने की शिकायतों पर पुलिस कई बार छापेमारी कर चुकी है। पिछले महीने भी सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने माटीगाड़ा स्थित वेबेल आईटी पार्क के तीनों फेज में एक साथ देर रात व्यापक अभियान चलाकर अवैध कॉल सेंटरों का खुलासा किया था।
इसके बाद वेबेल आईटी पार्क में पुलिस की निगरानी बढ़ने से अवैध कारोबारियों ने अब अपार्टमेंट के बंद कमरों में अपना नेटवर्क संचालित करना शुरू कर दिया था। हालांकि, पुलिस की ताजा कार्रवाई ने इस कथित नेटवर्क का भी पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस ने गिरफ्तार सभी नौ आरोपियों को आज सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया है। मामले की आगे की जांच और आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से रिमांड की मांग कर रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साइबर ठगी नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इसके पीछे अन्य लोगों की क्या भूमिका है।




