इस अवसर पर पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर के शिक्षा, समाज सुधार, महिला शिक्षा के प्रसार और समाज के पिछड़े वर्गों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनके मानवीय मूल्य, प्रगतिशील सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी आज भी लोगों को प्रेरित करती है।
मंत्री शंकर घोष ने कहा कि विद्यासागर केवल एक शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और मानवतावादी भी थे। उनके आदर्श और विचार वर्तमान पीढ़ी के लिए भी उतने ही प्रासंगिक हैं।





