परिजनों के अनुसार, 70 वर्षीय बुजुर्ग को प्रधाननगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती करने के समय वह बातचीत कर रहे थे। आरोप है कि भर्ती के बाद बिना परिवार को जानकारी दिए उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया, जिसके बाद उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी।
परिजन तपस कुमार बर्मन ने बताया कि मरीज की स्थिति को लेकर डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की ओर से अलग-अलग बातें कही जा रही थी। बार-बार समय मांगा गया और मरीज के स्वस्थ होने का भरोसा दिलाया गया। इसी दौरान इलाज और दवाइयों के नाम पर भारी भरकम बिल बनाया गया। परिजनों का दावा है कि एक दिन में करीब 36 हजार रुपये की दवाइयों का बिल दिया गया। प्रतिदिन बड़ी रकम खर्च होने का भी आरोप लगाया गया है। परिवार ने बिल की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं।
परिजनों का एक और आरोप है कि मरीज की मौत होने के बावजूद काफी देर तक उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद परिवार की ओर से प्रधाननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।





