सिलीगुड़ी, 9 अक्टूबर (नि.सं.)। दुर्गा पूजा के मौसम में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को सिलीगुड़ी के गुरंग बस्ती स्थित महानंदा ब्रिज के नीचे नदी तट पर संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पुलिस, सेना और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया।
बीएसएफ की 46वीं बटालियन और अन्य संबंधित एजेंसियों के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य ड्रोन हमले जैसी संभावित आपात स्थितियों तथा रणनीतिक पुल की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेना था। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई, राहत एवं बचाव अभियान और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
इस मौके पर बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय के डीआईजी हरपाल सिंह मौजूद रहे। उन्होंने मॉक ड्रिल का निरीक्षण कर सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया। अभ्यास के दौरान यह परखा गया कि किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां किस तरह तेजी से कार्रवाई कर खतरे में फंसे लोगों और सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षित निकाल सकती हैं।
डीआईजी हरपाल सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में हर महीने मॉक ड्रिल करने का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को मजबूत करना और आपात स्थिति में उनके बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।
उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी और चिकन नेक कॉरिडोर सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में त्योहारों के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस संयुक्त अभ्यास के जरिए सुरक्षा एजेंसियों ने आपातकालीन प्रतिक्रिया, राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा।





