बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में कर्सियांग से दार्जिलिंग तक करीब 21 किलोमीटर लंबे रोपवे परियोजना को मंजूरी देना शामिल है। पहाड़ों में यातायात का दबाव कम करने के साथ स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए परिवहन का वैकल्पिक साधन विकसित करने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की जाएगी। इसके पूरा होने से कर्सियांग और दार्जिलिंग के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
वहीं, कलिम्पोंग में मेडिकल कॉलेज निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सांसद राजू बिष्ट ने बताया कि आगामी 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कलिम्पोंग मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करेंगे। इससे पहाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से महसूस की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा दार्जिलिंग, कर्सियांग, कलिम्पोंग, मिरिक और सिलीगुड़ी के अस्पतालों की मरम्मत, आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। इन अस्पतालों पर पहाड़, तराई और डुआर्स के बड़े हिस्से की आबादी निर्भर है। ऐसे में अस्पतालों के आधुनिकीकरण से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
खेल के क्षेत्र में दार्जिलिंग के ऐतिहासिक लेबोंग ग्राउंड को आधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई है। यहां खिलाड़ियों के लिए आवश्यक खेल सुविधाएं और आधुनिक आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।
वहीं, दार्जिलिंग के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 19 करोड़ रुपये आवंटित करने की मंजूरी दी गई है। इस राशि से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास और रखरखाव किया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक के बाद सांसद राजू बिष्ट ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स के लोगों की जरूरतों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उनके अनुसार, ये पहल उत्तर बंगाल को अधिक विकसित, बेहतर संपर्क वाला और पर्यटन के लिहाज से आकर्षक क्षेत्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।



