कोई यहां छोटी सी खाने की दुकान चला रहा है, तो कोई चाय की दुकान खोलकर बैठा है। वहीं, कुछ लोग फ्लाईओवर के नीचे सैलून का कारोबार भी कर रहे हैं। बाल और दाढ़ी काटने के काम से उनका परिवार चल रहा है।
सिर्फ दुकानें ही नहीं, फ्लाईओवर के नीचे कई हिस्सों में चारपहिया वाहन भी पार्क किए जा रहे हैं। यानी एक ओर जहां कारोबार चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी परिसर का भी विभिन्न कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
व्यवसायियों का दावा है कि वे कई वर्षों से यहां कारोबार कर रहे हैं और उनके परिवार की आजीविका इसी आय पर निर्भर है। हालांकि, फ्लाईओवर के नीचे की जगह के उचित इस्तेमाल और वहां उभर रही अस्थायी दुकानों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
आरोप है कि लंबे समय से इस तरह कारोबार चलने के बावजूद सिलीगुड़ी नगर निगम की ओर से उचित निगरानी नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों के एक वर्ग को आशंका है कि अगर इसी तरह अतिक्रमण बढ़ता रहा तो भविष्य में स्थिति और जटिल हो सकती है।





