हर साल दुर्गा पूजा से पहले कुम्हारटोली में मूर्तिकार महीनों की मेहनत से प्रतिमाएं तैयार करते हैं। हालांकि, इस बार पूजा समाप्त होने के बाद भी कई प्रतिमाओं को कोई खरीदार नहीं मिला। अब इन्हें दुकानों के कोनों और स्टोर रूम में रखकर सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है।
मूर्तिकारों के मुताबिक, कुम्हारटोली की संकरी सड़कें भी बड़ी समस्या हैं। रास्ता संकरा होने के कारण प्रतिमाओं को लाने-ले जाने में परेशानी होती है और उनके टूटने का खतरा बना रहता है। इससे खरीदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसका असर कारोबार पर पड़ रहा है।
एक ओर काली पूजा के लिए प्रतिमाएं बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर बिना बिकी दुर्गा प्रतिमाओं को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। मूर्तिकारों का कहना है कि सरकारी स्तर पर प्रतिमाओं के भंडारण के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने से उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं।
ऐसे में मूर्तिकारों ने राज्य सरकार से कुम्हारटोली की आधारभूत सुविधाओं में सुधार, चौड़ी सड़क और बिना बिकी प्रतिमाओं को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है।





