हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालया के दिन पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनकी आत्मा की शांति की कामना के लिए जल अर्पित कर तर्पण किया जाता है। इसी परंपरा के तहत सुबह से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने तर्पण में हिस्सा लिया।
इस दौरान सिलीगुड़ी के विधायक और राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने महानंदा नदी के घाट का दौरा किया। महालया के साथ ही शहर में दुर्गापूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। पितृपक्ष की समाप्ति और देवीपक्ष के आगमन के साथ ही बंगाल के लोगों को अब मां दुर्गा के आगमन का बेसब्री से इंतजार है।





