इस दौरान पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने राज्य की पर्यटन संभावनाओं को लेकर कई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने पश्चिम बंगाल की पर्यटन संभावनाओं की बात तो की, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए। उनका दावा है कि पर्यटन क्षेत्र के लिए आवंटित राशि का 20 प्रतिशत भी खर्च नहीं किया गया। साथ ही खर्च की गई राशि के एक हिस्से में भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं।
मंत्री ने बताया कि राज्य के पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में कम से कम एक पर्यटन स्थल को विशेष रूप से विकसित और प्रचारित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा विभिन्न पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़कर कई पर्यटन सर्किट तैयार करने की पहल की जा रही है। दार्जिलिंग पहाड़ में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ नए ट्रेकिंग रूट चिह्नित करने और उनके अनुरूप ट्रेकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की भी योजना है।





